Tuesday, December 6, 2022

जान बचाने को सावधानी जरूरी, डेंगू का खतरा बढ़ा तो मरीजों के अचानक बेहोश होने का डर बढ़ा

मुरादाबाद जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही कई मरीज हालत बिगड़ने के चलते खतरे में पड़ रहे हैं। चिकित्सकों ने मरीजों को जान का खतरा घटाने के लिए सावधानी बरतने को कहा।

मुरादाबाद जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही कई मरीज हालत बिगड़ने के चलते खतरे में पड़ रहे हैं। चिकित्सकों ने डेंगू के मरीजों को जान का खतरा घटाने के लिए विशेष रूप से ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत बताई है।

चिकित्सकों के मुताबिक डेंगू से पीड़ित कई मरीजों में ब्लड प्रेशर तेजी से घटने के मामले बढ़ रहे हैं। डिप्टीगंज में निजी अस्पताल के संचालक डॉ.नितिन बत्रा ने बताया कि डेंगू के संक्रमण से प्लेटलेट्स की संख्या घटने के चलते मरीजों का बीपी घट रहा है। कई मरीज 70 से 80 बीपी होते हुए खुद चलकर पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों के अचानक बेहोश हो जाने के केस बढ़ रहे हैं। क्योंकि, बीपी के इससे नीचे पहुंचते ही मरीज के बेहोश होने का खतरा बढ़ जाता है।

लिहाजा, डेंगू से पीड़ित के ब्लड प्रेशर को लगातार मापते रहना बहुत जरूरी है। बीपी के सौ से नीचे पहुंचते ही मरीज को अस्पताल में भर्ती करके इलाज की जरूरत होती है। गांधी नगर में नर्सिंग होम संचालक डॉ.सीपी सिंह ने बताया कि डेंगू की आशंका वाले बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। कई मरीजों में प्लेटलेट्स काउंट भी कम मिल रहा है। ऐसे मरीजों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

ज्यादा नहीं घबराएं, डेंगू की रैपिड जांच कराएं
डॉक्टरों के मुताबिक बुखार के साथ उल्टी होना और मिचली होना डेंगू का सबसे बड़ा लक्षण है। इस स्थिति में घबराएं नहीं बल्कि मरीज की डेंगू की जांच कराएं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.पीएन यादव ने बताया कि जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू की रैपिड जांच शुरू कर दी गई है। रैपिड जांच में डेंगू की पुष्टि होते ही मरीज का इलाज चालू कर दिया जाएगा।

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