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सर्वाइकल कैंसर: देश को मिली पहली स्वदेशी वैक्सीन, इतनी है कीमत, जानें कितनी कारगर

देशभर में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सबसे ज्यादा मामले सर्वाइकल कैंसरके देखे जाते हैं. इस कैंसर से पीड़ित अधिकतर महिलाएं एडवांस स्टेज में इलाज के लिए डॉक्टरों के पास पहुंचती हैं, जिससे कई बार मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है.

अब सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ भारत को पहली क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन (क्यूएचपीवी) मिल गई है. इस वैक्सीन को आज लॉन्च किया गया है. केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने इस वैक्सीन को लॉन्च किया है. इस टीके के आने से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में काफी मदद मिलेगी.

इस वैक्सीन का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया किया है. सीरम इस्टीट्यूट और डिपार्टमेंट और बायोटेक्नोलॉजी मिलकर इस वैक्सीन को लॉन्च करेंगे. एचपीवी वैक्सीन से महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाया जा सकेगा. यह वैक्सीन सस्ती और सुलभ होगी. डॉक्टरों के मुताबिक, सर्वाइकल कैंसर के लिए पहले से ही एचवीवी वैक्सीन मौजूद है, लेकिन लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है. लेकिन पहली क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन मौजूदा वैक्सीन की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध होगी.

इतनी होगी कीमत

वैक्सीन की कीमतों पर SII के CEO अदार पूनावाला ने कहा है कि हम अगले कुछ महीनों में इसकी कीमत की घोषणा करेंगे, ये लगभग 200-400 रुपए की होगी. हम निर्माण और भारत सरकार के साथ चर्चा के बाद इस पर अंतिम फैसला करेंगे. वैक्सीन अगले कुछ महीनों में उपलब्ध होगी. पहले हम अपने देश को देंगे और उसके बाद दुनियाभर में इसे दिया जाएगा. 2 साल में 200 मिलियन डोज बनाने की तैयारी है.

सर्वाइकल कैंसर से हो रही मौतों पर लगेगी लगाम

एक्सपर्ट्स ने आशा व्यक्त की है कि इसे राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण रणनीतियों में लागू किया जाएगा. फिलहाल दुनियाभर में सर्वाइकल कैंसर की दो वैक्सीन हैं. इनमें पहली है क्वाड्रिवेलेंट वैक्सीन और दूसरी है बाइवेलेंट वैक्सीन. जो वैक्सीन सीरम ने तैयार कि है. वह हेपेटाइटिस बी वैक्सीन के समान वीएलपी पर आधारित है. डॉक्टरों का कहना है कि इस वैक्सीन के आने से सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में मदद मिलेगी और इस कैंसर से होने वाली मौतों को कम किया जा सकेगा.

जुलाई में मिली थी मंजूरी

जुलाई में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने देश के पहले क्वाड्रिवेलेंट ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीन को सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ बनाने की मंजूरी दी थी. राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह ने भी वैक्सीन पर नैदानिक ​​​​परीक्षण के आंकड़ों की समीक्षा के बाद क्यूएचपीवी वैक्सीन को मंजूरी दी थी. जून में DCGI की एक्सपर्ट कमेटी ने नौ वर्ष से 26 वर्ष की महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर की qHPV वैक्सीन की सिफारिश की थी.

एनटीएडीआई के चेयमैन डॉ. एनके अरोड़ा का कहना है कि यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर पर काफी असरदार है और इस टीके को बेटियों को लगाए जाने से कैंसर से रोकथाम होगी. डॉ. अरोड़ा ने कहा कि 90 फीसदी मामलों में सर्वाइकल कैंसर एचपीवी वायरस से होता है और ये वैक्सीन इस वायरस को खत्म करेंगी.

लक्षणों के बारे में नहीं होती है जानकारी

सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी वायरस) की वजह से होता है. ये वायरस लंबे समय तक शरीर में रहता है और बाद में सर्वाइकल कैंसर का कारण बनता है, हालांकि जिन महिलाओं की इम्यूनिटी अच्छी होती है उनके शरीर में ये वायरस पनप नहीं पाता और खत्म हो जाता है, लेकिन एचआईवी या अन्य किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित महिलाओं को इस कैंसर के होने की आशंका रहती है. इस कैंसर के अधिकतर मामले एडवांस स्टेज में सामने आते हैं. सवाईकल कैंसर के लक्षणों के बारे में जानकारी न होना और इस बीमारी को नजरअंदाज करने से ऐसा हो रहा है.

WHO कि रिपोर्ट के मुताबिक, देश में सर्वाइकल कैंसर के हर साल 1.23 लाख मामले आते हैं. इनमें से 67 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है. इस वैक्सीन के आने से तेजी से टीकाकरण हो सकेग, जिससे सर्वाइकल कैंसर से हो रही मौतों को काबू में किया जा सकेगा

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