Thursday, December 1, 2022

डेंगू का प्रकोप : 17 से हर जिले में डेडिकेटेड डेंगू अस्पताल, छात्रों को फुल शर्ट और पैंट पहनने के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सोमवार को इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी की। प्रदेश में डेंगू के बढ़ते मामलों पर बीते दिनों सीएम योगी ने डेडिकेटेड डेंगू अस्पताल शुरू करने के निर्देश दिए थे। सभी छात्रों को पूरी बांह की शर्ट एवं फुल पैंट पहनकर विद्यालय आने का निर्देश दिया गया है।

यूपी के सभी जिलों में कोविड की तर्ज पर 17 नवंबर से डेडिकेटेड डेंगू अस्पताल शुरू हो जाएंगे। इन पर फिजीशियन और बाल रोग चिकित्सक की तैनाती अनिवार्य होगी। जहां ये दोनों चिकित्सक नहीं हैं, वहां के लिए आसपास तैनात चिकित्सकों को संबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। हर अस्पताल पर एक नोडल अधिकारी तैनात किया जाएगा। बेड की उपलब्धता, भर्ती व रेफर होने वाले मरीज और मरने वालों की रोज रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सोमवार को इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी की। प्रदेश में डेंगू के बढ़ते मामलों पर बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेडिकेटेड डेंगू अस्पताल शुरू करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में विभाग की ओर से पूर्व में चिह्नित कोविड चिकित्सालयों को डेंगू चिकित्सालय में तब्दील कर दिया है। इन अस्पताल में रोगियों के उपचार के लिए पर्याप्त दवाएं, ओआरएस व आईवी फ्लूड्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी सीएमओ व सीएमएस को निर्देश दिया गया है कि डेडिकेटेड अस्पतालों में ड्यूटी के लिए कोविड प्रबंधन के दौरान बनाए गए रोस्टर के समान ही तीन सत्रों में रोस्टर बनाया जाए और जरूरत के मुताबिक मानव संसाधन की तैनाती की जाए। 

इसके अलावा सभी छात्रों को पूरी बांह की शर्ट एवं फुल पैंट पहनकर विद्यालय आने का निर्देश दिया गया है। कहा गया कि प्रतिदिन प्रार्थना सभा में संचारी रोगों के बारे में बच्चों को जानकारी दी जाए। गांवों में स्कूली बच्चों की जन जागरूकता रैली निकाली जाए। परिसर में रखी पानी की टंकियों की नियमित सफाई की जाए। स्कूल परिसर में कहीं भी जलभराव न हो। विद्यालय परिसर में सफाई कराने के साथ ही लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जाए।

मरीजों का हर स्तर पर रखें ख्याल : पाठक
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विभागीय अफसरों को निर्देश दिया है कि डेडिकेटेड डेंगू अस्पताल की सभी तैयारी जल्द से जल्द पूरी कर ली जाए। मरीजों का हर स्तर पर ख्याल रखा जाए। डेंगू चिकित्सालयों से संबद्ध ब्लड बैंक तथा प्रयोगशाला के संपर्क नंबर चिकित्सालयों में प्रमुख रूप से डिस्प्ले किए जाएं ताकि तीमारदारों को किसी तरह की समस्या न हो। 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश देर तक बारिश होने की वजह से विभिन्न जिलों में डेंगू मरीज बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सभी मंडलीय एवं जनपदीय चिकित्साधिकारियों तथा चिकित्सा अधीक्षक जिलों में चिकित्सकीय व्यवस्थाएं और सुदृढ़ कर लें। डेंगू पीड़ित अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी चिकित्सालय में उपचार के लिए जा सकते हैं और भर्ती हो सकते हैं। डेडिकेटेड डेंगू चिकित्सालय डेंगू व अन्य संचारी रोगों के रोगियों के प्राथमिकता के आधार पर उपचार के लिए अतिररिक्त रूप से उपलब्ध रहेंगे।

टेलिमेडिसिन की सुविधा अनिवार्य
उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि नामित डेंगू चिकित्सालय की निकटवर्ती टर्शियरी केयर चिकित्सालय से टेलिमेडिसिन से जोड़ी जाए ताकि रोग प्रबंधन के दौरान जटिलता की स्थिति उत्पन्न होने पर विशेषज्ञों से परामर्श उपलब्ध हो सके। इन चिकित्सालयों का लिंकेज जिला स्तरीय ब्लड बैंक से (प्लेटलेट्स की उपलब्धता के लिए) तथा डेंगू प्रयोगशाला (जांचों के लिए) से भी अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही इस प्रकार व्यवस्था की जाए कि डेंगू मरीज भर्ती होने की स्थिति में डेंगू चिकित्सालयों से रक्त के नमूने एक सहज प्रक्रिया के रूप में संबंधित लिंक्ड प्रयोगशाला को दैनिक रूप से प्रेषित किया जा सके।  

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