Tuesday, December 6, 2022

‘शिक्षा लाभ कमाने का धंधा नहीं’, सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार के फीस बढ़ाने के फैसले को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आंध्र प्रदेश सरकार के फीस बढ़ाने के फैसले पर कहा कि फीस को बढ़ाकर 24 लाख रुपये सालाना करना यानी पहले तय फीस से सात गुना ज्यादा करना बिल्कुल भी जायज नहीं। ट्यूशन फीस हमेशा सस्ती होगी।

आंध्र प्रदेश सरकार ने एमबीबीएस छात्रों की फीस में निर्धारित शुल्क से सात गुना अधिक वृद्धि करने का फैसला किया है। इसी पर अब सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बयान दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षा लाभ कमाने का व्यवसाय नहीं है। अदालत ने कहा कि ट्यूशन फीस हमेशा सस्ती होगी। बता दें कि आंध्र प्रदेश सरकार ने मेडिकल छात्रों की फीस 24 लाख रुपये प्रति वर्ष बढाने का निर्णय लिया है। ये फीस फीस से सात गुना अधिक है। अदालत ने एपी सरकार के इस निर्णय को बिल्कुल अनुचित माना है।

एमबीबीएस छात्रों की फीस में की थी वृद्धि

न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने सोमवार को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की। बता दें कि कोर्ट ने एमबीबीएस छात्रों की फीस बढ़ाने के राज्य सरकार के फैसले को पूरी तरह से खारिज कर दिया था।

6 सितंबर, 2017 को आंध्र प्रदेश सरकार ने सरकारी आदेश जारी करते हुए एमबीबीएस छात्रों की फीस में वृद्धि की थी। अदालत ने कहा, “हमारी राय है कि “उच्च न्यायालय ने 6 सितंबर, 2017 के सरकारी आदेश को रद करने में कोई गलती नहीं की है।”

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