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गुड न्‍यूज: दस हजार करोड़ से बनेगी कानपुर आउटर रिंग रोड, जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे 3400 करोड़ 

कानपुर आउटर रिंग रोड के निर्माण में दस हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। 6600 करोड़ निर्माण और 3400 करोड़ जमीन अधिग्रहण में खर्च किए जाएंगे। रिंग रोड की प्रगति पर सीधे एनएचएआई चेयरमैन की नजर है।

कानपुर आउटर रिंग रोड के निर्माण में दस हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। 6600 करोड़ निर्माण और 3400 करोड़ जमीन अधिग्रहण में खर्च किए जाएंगे। एनएचएआई चेयरमैन अलका उपाध्याय ने राजमार्ग मंत्रालय के सचिव का चार्ज लेते ही प्रावधान भी कर दिया है।

ऐसे में निर्माण के लिए वित्तीय दिक्कत खत्म हो गई है। चेयरमैन कानपुर की हैं इसलिए रिंग रोड की प्रगति पर उनकी नजर है। चार फेज में 93.2 किलोमीटर बनने वाली रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण का गजट होने के साथ ही एलाइनमेंट भी तय हो गया है। मंधना से सचेंडी और सचेंडी से रमईपुर-रूमा तक निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, इसके लिए प्रारूप बनाने का काम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने शुरू कर दिया है। मंधना से आटा उन्नाव और आटा से रूमा तक तीसरे और चौथे फेज के लिए नए साल में टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एनएचएआई के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर प्रशांत दुबे ने बताया कि रिंग रोड की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। जमीन अधिग्रहण को थ्रीडी नोटिस भी जारी हो रहा है। बजट का भी प्रावधान कर दिया गया है। दो फेज की टेंडर प्रक्रिया इसी साल पूरी हो जाएगी। मॉर्डन तरीके से रिंग रोग सिक्सलेन स्वरूप में बनाई जाएगी।

रिंग रोड एक नजर में
-93.2 किलोमीटर में 560 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा
-कानपुर नगर में 62, उन्नाव में 27.2 और देहात में 4 किलोमीटर निर्माण होगा
-हाईटेंशन लाइन जैसे यूटिलिटी शिफ्टिंग में 350 करोड़ खर्च होंगे
-मंधना-गंगा बैराज की ओर 3.5 किलोमीटर का गंगा पुल बनेगा
-रूमा-उन्नाव की ओर 1.9 किलोमीटर का गंगा पर पुल बनेगा
-9 आरोही भी बनेंगे, इन्हीं अंडरपास का भी प्रावधान किया गया है

नोटिफिकेशन के बाद यह भी होने लगा
-मुआवजे के चक्कर में 30 जमीन मालिकों ने निर्माण शुरू कराया, नोटिस कर चेतावनी दी, सिर्फ जमीन का मुआवजा मिलेगा, निर्माण का नहीं

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