Monday, December 5, 2022

स्कूल में सिर्फ पांच बच्चे, सरकार खर्च कर रही 56 हजार रुपये महीने

गौरीगंज (अमेठी)। स्कूल में बच्चे महज पांच और उस पर मासिक खर्च 56 हजार रुपये, फिर भी पढ़ाई को लेकर कोई गंभीर नहीं। ये हाल है, स्थानीय ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल बिसवा का। सरकार को पांच बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिमाह 56 हजार रुपये (प्रत्येक माह एमडीएम व यूनिफॉर्म, कापी-किताब व रंगाई पुताई पर होने वाला खर्च अलग) खर्च करना पड़ रहा है। बावजूद इसके यहां पांच बच्चों को शिक्षित करने के लिए तैनाए एक शिक्षिका व रसोइया मनमानी पर आमादा हैं। गुरुवार को भी इस स्कूल में सवा दस बजे तक ताला बंद रहा।
शैक्षिक सत्र में शिक्षकों की मनमानी रोकने व शैक्षिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रेरणा पोर्टल पर निरीक्षण के साथ एआरपी, बीईओ भी स्कूलों का निरीक्षण करते हैं। बावजूद इसके जिले में कार्यरत शिक्षकों की मनमानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिन स्कूलों में शिक्षक पूरी तरह मनमानी पर आमादा हैं, प्राथमिक स्कूल बिसवा उनमें से एक है।
इस प्राथमिक स्कूल में मौजूदा शैक्षिक सत्र में कुल पांच बच्चे (कक्षा एक व पांच में एक-एक तो कक्षा दो में तीन बच्चे) पंजीकृत हैं। कक्षा तीन व चार में यहां एक भी बच्चा पंजीकृत नहीं है। यह स्थिति तब है जब यहां नौनिहालों को शिक्षित करने के लिए सहायक अध्यापक के रूप में तैनात शिक्षिका वर्षा को सरकार मौजूदा समय 54 हजार रुपये और रसोइया के रूप में तैनात श्रीमती को दो हजार रुपये प्रति माह का भुगतान कर रही है।
मनमानी का आलम यह कि गुरुवार को सुबह 10:15 बजे तक स्कूल का ताला ही नहीं खुला था। बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। स्कूल में किन परिस्थितियों में सिर्फ पांच बच्चे ही पंजीकृत हैं। पूरे प्रकरण में शिक्षक को नोटिस जारी करते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच बीईओ गौरीगंज से कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल चलो अभियान व आउट ड्राप बच्चों को चिह्नित करने की कोशिश का अभियान भी स्कूल में फ्लाप साबित हुआ है। स्कूल में प्रतिदिन औसतन दो बच्चों का एमडीएम बन रहा है। स्कूल में छात्र संख्या सिर्फ पांच होने के बाद भी जिम्मेदार पूरे मामले से अंजान बने हुए है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत पांच से 12 वर्ष आयु के बच्चों को शिक्षित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले में 1,139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट परिषदीय स्कूल संचालित किए जाते हैं। इन स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक की कक्षाओं में मौजूदा समय में 2.06 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। पंजीकृत बच्चों को निशुल्क पाठ्य पुस्तक के साथ दोपहर में भोजन तथा यूनिफॉर्म समेत अन्य सामग्री क्रय करने के लिए 12 सौ रुपये अनुदान दिया जाता है।

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