Thursday, December 1, 2022

रिसर्च से खुलेंगे सरकारी सेवा के द्वार, CM योगी का शोधार्थियों को ऑफर; जानें डिटेल

मुख्यमंत्री फेलोशिप के सभी 100 शोधार्थी अपने आकांक्षात्मक विकासखंडों में काम करने के साथ ग्रामीण विकास पर एक ग्रंथ लिखें ताकि लोग इसे करीब से जान सकें।

मुख्यमंत्री फेलोशिप के सभी 100 शोधार्थी अपने आकांक्षात्मक विकासखंडों में काम करने के साथ ग्रामीण विकास पर एक ग्रंथ लिखें ताकि लोग इसे करीब से जान सकें। सरकार का यह फेलोशिप कार्यक्रम नए प्रयोग के रूप में उभरकर सामने आएगा। इसके लिए जो भी शोधार्थी दो-तीन साल बाद शासकीय सेवा में आना चाहें सरकार उन्हें वरीयता देगी क्योंकि उनके पास काम का एक अच्छा अनुभव हो चुका होगा। शोधार्थियों को आयु में छूट और अतिरिक्त वरीयता देकर सरकारी सेवा में मौका दिया जाएगा। ये घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोकभवन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम’ के तहत नवचयनित शोधार्थियों को टैबलेट्स वितरण कार्यक्रम के दौरान की।  

प्रदेश के विकास की यात्रा में सहभागी बनेंगे शोधार्थी   

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था एक ग्रामीण अर्थव्यवस्था है। एक लाख से अधिक राजस्व गांव, 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें, 75 जनपद और 826 विकासखंड हैं। पूरे देश में उत्तर प्रदेश ही ऐसा राज्य हैं, जहां 75 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती है। ऐसे में 100 आकांक्षात्मक विकासखंडों को  सामान्य जनपदों के सामान्य विकासखंडों की तर्ज पर विकसित करने के लिए जो कार्यक्रम बनाया गया है, उसके लिए 100 मुख्यमंत्री फेलोशिप शोधार्थियों को तैनाती दी जा रही है, जो अगले कुछ वर्षों के अंदर अपना परिणाम देकर प्रदेश सरकार के विकास की यात्रा में सहभागी बनेंगे। 

शोधार्थियों को डाटा कलेक्शन के साथ डॉक्यूमेंटेंशन पर करना होगा फोकस 

सीएम योगी ने कहा कि गांव में किसी के पास जमीन है तो किसी के पास स्किल। ऐसे में दोनों मिल कर काम करते हैं और उसके बेहतर परिणाम सामने आते हैं। इससे पूरा गांव आत्मनिर्भर इकाई के रूप में विकसित होकर काम कर सकता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना यही थी। उस आत्मनिर्भरता को प्राप्त करने के लिए ही प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ की योजना प्रारंभ की गई, जो अभी जनपद स्तर पर है। इसके विस्तार के लिए भी काम किया जा रहा है। सभी शोधार्थियों को अपने विकासखंडों में काम करने के साथ डाटा कलेक्शन और डाक्यूमेंटेंशन की कार्यवाही करनी होगी। 

शिक्षकों को जनगणना और मतदाता सूची कार्यक्रम में जरूर होना चाहिए शामिल 

सीएम ने कहा कि प्रदेश के विकास कार्य की समीक्षा के लिए मंत्रियों का समूह बनाया गया, जिसमें 25 जिले मेरे पास हैं और 25-25 जिलों की जिम्मेदारी दोनों डिप्टी सीएम क्रमश: केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के पास है। सभी अपनी समीक्षा की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजते हैं, जिसके परिणाम काफी अच्छे आए। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने 25 जिलों के कार्यों के डाटा को संकलित कर उसकी थीसिस बनाई और मुझे दिखाई, जो डाक्यूमेंटेंशन का अच्छा उहाहरण है। इस पर चाहें तो वह एक किताब भी लिख सकते हैं। सीएम ने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों को शैक्षिक कार्य के साथ गांव की जनगणना, मतदाता सूची के लिए जरूर जाना चाहिए क्योंकि उन्हें गांव की सामाजिक और आर्थिक परिस्थिति की पूरी जानकारी होती है। वह गांव की पूरी जानकारी शासन को उपलब्ध कराएंगे ताकि वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जा सके।

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