Friday, December 2, 2022

विश्‍व के विभिन्‍न देशों में हुए इन आंदोलनों ने पूरी दुनिया को किया प्रभावित, हिल गई थी सरकार की जड़ें

विश्‍व लगभग हर वर्ष और हर में कहीं न कहीं लोगों का किसी न किसी मुद्दे पर आंदोलन चलता ही रहता है। जैसे ईरान में महिलाओं ने जो आंदोलन सरकार के खिलाफ छेड़ा हुआ है उसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। हालांकि ऐसे कुछ ही आंदोलन दिखाई देते हैं जिनकी गूंज इस तरह से सुनाई देती है और जो एक देश की सीमाओं से निकलकर पूरी दुनिया प्रभावित करते हैं। ईरान में जारी आंदोलन भी इनमें से एक है। पूरी दुनिया में महिलाएं इसका समर्थन कर रही हैं। ईरान में भी कई पुरुष अब इन महिलाओं के समर्थन में उतर आए हैं।

ईरान में जारी महिलाओं का आंदोलन 

ईरान में जारी आंदोलन केवल हिजाब तक ही सीमित नहीं है बल्कि ये आंदोलन उन महिलाओं की आजादी से जुड़ा है जो कट्टरपंथियों के सामने अब तक झुकती आई हैं। जिन्‍हें समाज में दोयम दर्जा दिया जाता है। जिन्‍हें कुछ समय तक वो हक भी हासिल नहीं थे जो लगभग पूरी दुनिया में महिलाओं को हासिल हैं। ईरान में जो विरोध प्रदर्शन आंदोलन का रूप ले चुका है वो दरअसल, महिलाओं के अंदर दशकों से लगी एक चिंगारी है जो अब दिखाई दे रही है। ये महिलाएं केवल हिजाब से मुक्ति नहीं चाहती हैं बल्कि उस समाज से मुक्ति के लिए सड़कों पर हैं जो उन्‍हें दबाकर रखता आया है। इन महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी का हक चाहिए।

अमीनी की मौत के बाद भड़की चिंगारी 

22 साल की महसा अमीनी की मौत के बाद ये चिंगारी भड़क गई है। हिरासत में अमीनी की मौत ने कई सवालों को जन्‍म दिया है। मौजूदा समय में ईरान में महिलाओं का प्रमुख नारा वुमेन लाइफ फ्रीडम है। अपने बालों को काटना और हिजाब या बुर्का की होली जलाना इन महिलाओं के आदोलन की पहचान बनागया है। अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया की खबरों की बात करें तो इस आंदोलन के दौरान करीब 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार इस आंदोलन को दबाने की पूरी कोशिश कर रही है।

ब्लैक लाइव्स मैटर 

अमेरिका में जार्ज फ्लायड की हत्या के बाद शुरू हुआ ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी थी। 25 मई 2020 की एक घटना के बाद ये आंदोलन पूरे अमेरिका में फैल गया और विदेशों में भी इसके समर्थन में लोग सड़कों पर उतर आए थे। बीते 29 मई, 2020 को अमेरिका के मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में श्वेत पुलिसकर्मियों द्वारा एक अश्वेत नागरिक जार्ज फ्लायड की बर्बर हत्या के विरोध में इस आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इंगलैंड के ब्रिस्टल शहर में 17वीं शताब्दी के दास व्यापारी एडवर्ड कोल्स्टन की मूर्ति को तोड़ दिया गया । इस तरह की घटनाएं अमेरिका और उसके बाहर कई जगहों पर हुई थीं। जार्ज की हत्‍या के बाद अफ्रीकी अमेरिकन लोग सड़कों पर उतरे थे। अमेरिका के कई दिग्‍गज और जाने माने चेहरे भी इस आंदोलन का गवाह बने थे। इस घटना से सबक लेकर अमेरिका के कई राज्यों और नगरपालिकाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार के कानूनों पर विचार शुरू कर दिया गया था।

विश्‍व के विभिन्‍न देशों में कई ऐसे विरोध प्रदर्शन या आंदोलन हुए हैं जिनसे पूरी दुनिया प्रभावित हुई है। चाहे वो थियानमेन स्‍क्‍वायर चौक पर हुए छात्रों का विरोध प्रदर्शन हो या ईरान में जारी महिलाओं का विरोध प्रदर्शन।

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