Sunday, November 27, 2022

UP BJP: सूक्ष्म बूथ प्रबंधन से बड़ी जीत की तैयारी में जुटी भाजपा, ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ मंत्र के साथ बैठकें

भाजपा ने निकाय चुनाव में जीत हासिल करने के लिए बूथ मैनेजमेंट पर फोकस किया है। पार्टी राज्य निर्वाचन आयोग के समानांतर मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चला रही है। भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद यह पहला चुनाव है।

निकाय चुनाव में भाजपा ने सूक्ष्म बूथ प्रबंधन के जरिए बड़ी जीत की तैयारी की है। पार्टी ने ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ मंत्र के साथ बूथ स्तर पर बैठकें शुरू कर दी हैं। यही नहीं राज्य निर्वाचन आयोग के समानांतर मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चला रही है।

पार्टी ने निकाय चुनाव में सभी 17 नगर निगमों के साथ प्रमुख नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों पर कब्जा जमाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार के मंत्रियों के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को निकायों में प्रभारी, सह प्रभारी और संयोजक नियुक्त किया है। साथ ही पार्टी राज्य निर्वाचन आयोग के समानांतर मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चला रही है। पार्टी के कार्यकर्ता मतदाता सूची लेकर घर-घर संपर्क कर छूटे पात्र लोगों के नाम सूची में जोड़वा रहे हैं।

पार्टी ने सभी जिलाध्यक्षों को फर्जी मतदाताओं के नाम हटवाने, मतदाता सूची में भाजपा और आरएसएस परिवार से जुड़े मतदाताओं के नाम शामिल कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। पुनरीक्षण के दौरान बूथ निर्धारण और रिलोकेशन कार्यकर्ता की सहूलियत के हिसाब से कराने के निर्देश दिए गए हैं। बूथों के अनुसार पन्ना प्रमुखों की तैनाती व बूथ समिति का गठन क रने, पोलिंग एजेंट नियुक्त करने और मतदान से तीन दिन पहले बूथ विजय संपर्क अभियान संचालित करने का एजेंडा सौंपा है।

पाठक को अब कानपुर और स्वतंत्रदेव को आगरा की कमान
भाजपा ने आगरा और कानपुर नगर निगम चुनाव के प्रभारी बदले हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को अब आगरा की जगह कानपुर नगर निगम का प्रभारी बनाया है। उनके साथ पूर्व राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह को सह प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को कानपुर की जगह आगरा नगर निगम का प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ पूर्व विधायक सुरेश तिवारी को सह प्रभारी नियुक्त किया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने कुछ नगर पालिका परिषद के प्रभारी और सह प्रभारी भी बदले हैं।

चौधरी और धर्मपाल की पहली परीक्षा
निकाय चुनाव भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह की पहली परीक्षा है। दोनों की नियुक्ति के बाद प्रदेश में पहला बड़ा चुनाव हो रहा है। हालांकि चौधरी को पश्चिम से पूरब तक राजनीति की गहरी समझ है, वहीं धर्मपाल के पास भी तीस साल का संगठनात्मक राजनीति का अनुभव है। 

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